विपणन. और कृषि व्यापार

मार्कफेड का प्रमुख लक्ष्य किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलवाना है। किसानों को यह मदद देने के लिए "मार्कफेड" राज्य सरकार की ओर से अपने कार्यालयों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत गेहूं और धान का उपार्जन कार्य करती है।

  • समर्थन मूल्य पर खरीदी (गेहूं, चावल, उड़द,अरहर,सरसों)
  • संयुक्त उपक्रम योजना (चना, सरसों, गेहूं, सोयाबीन)
  • व्यावसायिक खरीद (तुअर)

समर्थन मूल्य पर खरीदी:भारत सरकार रबी और खरीफ की फसल के लिए कृषि संबंधी उत्पादों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विभिन्न एजंसियों द्वारा उपार्जन की घोषणा करती है, ताकि किसानों को न्यूनतम सुनिश्चित मूल्य मिल सके। मार्कफेड राज्य शासन की एजेन्सी के रूप में समर्थन मूल्य गेहूं और धान का उपार्जन प्राथमिक सहकारी कृषि शाख समितियों और विपणन सहकारी समितियों के माध्यम से करता है।

संयुक्त उपक्रम योजना:संयुक्त उपक्रम योजना के तहत निजी क्षेत्र की पार्टियों के साथ उपार्जन किया जाता है। इस कार्य के लिए मार्कफेड कुल टर्नओव्हर के आधार पर कमीशन की मार्जिन और भंडारण का खर्च लेना है। वित्त वर्ष 2011-12 में मप्र मार्कफेड ने 5017 क्विंटल चना और 120 क्विंटल उड़द का उपार्जन किया।

व्यावसायिक खरीद :मार्कफेडअपने कर्मचारियों द्वारा मंडियों से कृषि उपजों की व्यावसायिक खरीदी का कार्य भी करता है।

राज्य शासन की एजेंसी के रूप में वर्ष 2016-17 में समर्थन मूल्य पर 15.24 लाख मेट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया।.

वर्ष 2008-09 से 2017-18 के उपार्जन में 362 प्रतिशत की वृद्धि।


विपणन संघ द्वारा सी.एम.आर.(कस्टम मिल्ड राईस) चावल का परिदान कार्य

विपणन संघ द्वारा समर्थन मूल्य में उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग कराने के उपरान्त भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्डों एवं गुणवत्ता के अनुरूप निर्मित सी.एम.आर. चावल का परिदान विकेन्द्रीकृत योजना के अंतर्गत राज्य की नोडल एजेन्सी राज्य की नोडल एजेन्सी एम.पी.स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन को दिया जाता है। संघ द्वारा उक्त चावल का परिदान भारत सरकार द्वारा चावल की निर्धारित प्रॉवधानित आर्थिक लागत दरों पर किया जाता है।

गेहूँ उपार्जन




खरीदी वर्ष

जिला/केन्द्रों की संख्या

खरीदी दर
रुपये प्रति क्विंटल)

बोनस रुपये प्रति क्विंटल

खरीदी मात्र(मेट्रिक टन में)

न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अन्तर्गत कृषकों को किया गया भुगतान रू क़रोड़ में

राज्य सरकार

केंद्र सरकार

2008-09

41/224

1000

100

-

2.40

263.75

2009-10

10/369

1080

50

-

5.18

584.85

2010-11

23/613

1100

100

-

7.44

892.63

2011-12

27/953

1120

100

50

15.24

1934.84

2012-13

27/1079

1120

100

50

27.64

3828.94

2013-14

27/1300

1350

150

-

20.72

3109.50

2014-15

27/1352

1400

150

-

23.42

3630.03

2015-16

26/1259 1450 - - 26.45 3836.07

2016-17

26/1262 1525 - - 13.50 2058.52

2017-18

26/1293 1625 - - 23.26 3777.59

धान उपार्जन

विपणन संघ द्वारा सी.एम.आर.(कस्टम मिल्ड राईस) चावल का परिदान कार्य

विपणन संघ द्वारा समर्थन मूल्य में उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग कराने के उपरान्त भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्डों एवं गुणवत्ता के अनुरूप निर्मित सी.एम.आर. चावल का परिदान विकेन्द्रीकृत योजना के अंतर्गत राज्य की नोडल एजेन्सी राज्य की नोडल एजेन्सी एम.पी.स्टेट सिविल सप्लाईज कोर्पोरेशन को दिया जाता है। संघ द्वारा उक्त चावल का परिदान भारत सरकार द्वारा चावल की निर्धारित प्रॉवधानित आर्थिक लागत दरों पर किया जाता है।

समर्थन मूल्य योजना के तहत खरीफ 2007-08 से 2016-17 के दौरान धान खरीदी


क्र.

वर्ष

जिला/केन्द्रों की संख्या

.

समर्थन मूल्य

मात्रा मेट्रिक टन

वृद्धि

COARSE

FINE

1

2

3

4

5

6

7

8

1

2007-08

34
(110) *

मूल्य

645

675

0.16

-

केंद्र सरकार बोनस

100

100

2

2008-09

35
(230) *

मूल्य

850

880

0.87

429

केंद्र सरकार बोनस

50

50

3

2009-10

14
(202) *

मूल्य

950

980

0.91

04

केंद्र सरकार बोनस

50

50

राज्य सरकार बोनस

50

50

4

2010-11

32
(224) *

मूल्य

1000

1030

1.56

171

राज्य सरकार बोनस

50

50

5

2011-12

32
(321) *

मूल्य

1080

1110

4.25

172

राज्य सरकार बोनस

50

50

6

2012-13

32
(345) *

मूल्य

1250

1280

6.55

54

राज्य सरकार बोनस

100

100

7

2013-14

32
(371) *

मूल्य

1310

1345

6.39

-

राज्य सरकार बोनस

150

150

8

2014-15

32
(355) *

-

1360

1410

5.35

-

9

2015-16

32
(319) *

-

1410

1450

6.43

-

10

2016-17

32
(343) *

-

1470

1510

7.87

-

11

2017-18

32
(365) *

-

1550

1590

-

-

*जिला/केन्द्रोंकी संख्या